मार्को पोलो एवं रुस्टिचेलो डा पीसा द्वारा लिखित “मार्को पोलो की यात्राएँ – खंड 1” 13वीं शताब्दी में 1298-1299 के बीच लिखा गया एक यात्रा-वृत्तांत है। यह पुस्तक मार्को पोलो की 1271 से 1295 तक एशिया में की गई लंबी यात्रा एवं कुबलाई खान के दरबार में हुए उनके अनुभवों का वर्णन करती है। इस पुस्तक को जेनोआ में कैद रहते हुए वेनिसी अन्वेषक मार्को पोलो ने रोमांस लेखक रुस्टिचेलो को सुनाया। इसमें साहसिक कहानियों के साथ-साथ वे दूर-दराज के देशों का भी वर्णन है, जिनके बारे में यूरोपीय लोग पहले कभी कल्पना भी नहीं कर सकते थे। पुस्तक के प्रकाशन के बाद से ही पाठक इसकी सत्यता पर विवाद करते आ रहे हैं… क्या इन अद्भुत कहानियाँ सच हैं, या फिर कल्पना मात्र?
इस पुस्तक के बारे में विकिपीडिया पृष्ठ: en.wikipedia.org/wiki/The_Travels_of_Marco_Polo