एडगर अलन पो की कविता “द रेवन” पहली बार जनवरी 1845 में प्रकाशित हुई। यह कविता एक दुखी प्रेमी की कहानी है; वह अपनी खोई हुई प्रियतमा लेनोर के लिए शोक मना रहा है, तभी एक रहस्यमय कागज़ीरा उसके कमरे में आता है… वह पैलास की मूर्ति पर बैठकर केवल एक ही शब्द दोहराता है – “नेवरमोर…” जैसे-जैसे कथाकार उस पक्षी से सवाल पूछता है, वह उदासी से पागलपन में डूब जाता है… भूलने की इच्छा एवं याद रखने की आवश्यकता के बीच उसकी आत्मा अंधकार में डूब जाती है…
इस पुस्तक के बारे में विकिपीडिया पृष्ठ: en.wikipedia.org/wiki/The_Raven प्रोजेक्ट गुटेनबर्ग के पास इस ई-पुस्तक के कई संस्करण हैं: #45484 (बहुत सारी भूरे रंग की चित्रावलियाँ) #17192 (बहुत सारी काले-सफेद चित्रावलियाँ) #1065 (बिना किसी चित्रावली वाली साधारण HTML फ़ाइल)