Manners, Customs, and Dress During the Middle Ages and During the Renaissance…

Jacob, P. L., 1806-1884

इस किताब के बारे में

पॉल लैक्रूआ (बिब्लियोफाइल जेकब) द्वारा लिखित “मध्य युग एवं पुनर्जागरण काल में शिष्टाचार, रीति-रिवाज एवं पोशाक” एक ऐतिहासिक ग्रंथ है, जो 19वीं सदी के अंत में लिखा गया। इस पुस्तक में मध्य युग एवं पुनर्जागरण काल के दौरान सामाजिक व्यवहार, परंपराओं एवं फैशन संबंधी विवरण दिए गए हैं; साथ ही उन रीति-रिवाजों के विकास का भी अध्ययन किया गया है, जो व्यापक सामाजिक परिवर्तनों को दर्शाते हैं। पुस्तक की शुरुआत में लेखक ने इन कालों के शिष्टाचार एवं रीति-रिवाजों के अध्ययन के पीछे के कारणों एवं महत्व का उल्लेख किया है, एवं कला एवं संस्कृति को सामाजिक मूल्यों की अभिव्यक्ति के रूप में महत्वपूर्ण बताया है। लैक्रूआ ने मध्य युग की शुरुआती अवधि में पाई जाने वाली अराजकता एवं असंगठन के बारे में भी चर्चा की है; उस समय रोमन, जर्मनिक एवं ईसाई प्रभावों के मिश्रण के कारण फेडरलवाद एवं जटिल सामाजिक पदानुक्रम विकसित हुए। पुस्तक में महत्वपूर्ण विषयों में इस बदलते समाज में व्यक्तियों की भूमिकाओं में हुए परिवर्तन, दासता से स्वतंत्रता तक की प्रक्रिया, एवं राजपरिवार से लेकर आम जनता तक के दैनिक जीवन में पाई जाने वाली विभिन्न रीति-रिवाजें शामिल हैं। यह पुस्तक पाठक को इस बात का विस्तृत अध्ययन करने में सहायता करती है कि ऐतिहासिक कारक कैसे सामान्य लोगों एवं शाही परिवारों दोनों के जीवन को प्रभावित करते थे।

लेखक
Jacob, P. L., 1806-1884
पढ़ने का स्तर
B2 · उच्च-मध्यम
भाषा
English