माइकल फैराडे द्वारा लिखित “ए कैंडल की रासायनिक इतिहास” एक ऐसी श्रृंखला है, जिसमें कुल छह व्याख्यान 1848 में दिए गए। मूल रूप से रॉयल इंस्टीट्यूशन में युवाओं के लिए क्रिसमस व्याख्यानों के रूप में प्रस्तुत किए गए, फैराडे ने साधारण मोमबत्ती की ज्वाला का उपयोग करके रसायन विज्ञान एवं भौतिकी के मूलभूत सिद्धांतों को समझाया। प्रदर्शनों एवं प्रयोगों के माध्यम से उन्होंने दहन, गैसें, पानी के गुण एवं वायुमंडलीय दबाव जैसे विषयों पर चर्चा की। फैराडे ने अपने श्रोताओं को घर पर भी सुरक्षित रूप से इन प्रयोगों को दोहराने के लिए प्रोत्साहित किया, ताकि वे रोजमर्रा की वस्तुओं में छिपी हुई वैज्ञानिक अद्भुतताओं को जान सकें।
इस पुस्तक के बारे में विकिपीडिया पृष्ठ: en.wikipedia.org/wiki/The_Chemical_History_of_a_Candle