जूल्स वर्न द्वारा लिखित “अर्थ्रोपोस की यात्रा” एक विज्ञान-कथा उपन्यास है, जो पहली बार 1864 में प्रकाशित हुआ। जर्मन वैज्ञानिक प्रोफेसर ऑटो लिडेनब्रॉक को एक रहस्यमय संदेश मिलता है, जो आइसलैंड के एक ज्वालामुखी के माध्यम से पृथ्वी के केंद्र तक पहुँचने का रास्ता बताता है। वह अपने भतीजे एक्सेल एवं मार्गदर्शक हैंस के साथ इस असाधारण यात्रा पर निकल पड़ते हैं… उन्हें भूमिगत महासागर, प्रागैतिहासिक जीव एवं अनगिनत खतरों का सामना करना पड़ता है… अंततः, वे सतह पर वापस लौट पाते हैं।
इस पुस्तक के बारे में विकिपीडिया पृष्ठ: en.wikipedia.org/wiki/Journey_to_the_Center_of_the_Earth