अल्बर्ट पाइक द्वारा लिखित “मॉरल्स एंड डोग्मा ऑफ द एन्शिएंट एंड अप्सेक्टेड स्कॉटिश राइट ऑफ फ्रीमेसनरी” एक गहन दार्शनिक ग्रंथ है, जो 1871 में प्रकाशित हुआ। इस पुस्तक में कुल 32 निबंध हैं, जो स्कॉटिश राइट फ्रीमेसनरी के प्रत्येक स्तर के पीछे छिपे दार्शनिक अर्थों का अध्ययन धार्मिक तुलना, इतिहास एवं दर्शन के माध्यम से करते हैं। पाइक ने विभिन्न स्रोतों से जानकारी एकत्र करके ऐसे संदेश प्रस्तुत किए, जो धार्मिक सहिष्णुता एवं सार्वभौमिक भाईचार पर जोर देते हैं। यह पुस्तक गहरे अर्थों की ओर संकेत करती है, लेकिन कोई रहस्य उजागर नहीं करती; बल्कि विभिन्न धर्मों एवं संस्कृतियों में प्रकट होने वाले फ्रीमेसनरी-संबंधी प्रतीकों एवं ज्ञान प्राप्त करने की प्रक्रिया को समझने में मदद करती है।
इस पुस्तक के बारे में विकिपीडिया पृष्ठ: en.wikipedia.org/wiki/Morals_and_Dogma_of_the_Ancient_and_Accepted_Scottish_Rite_of_Freemasonry