लुईस कैरोल द्वारा लिखित “एलिस इन वंडरलैंड” एक बाल साहित्यिक उपन्यास है, जो 1865 में प्रकाशित हुआ। जब एलिस नामक एक जिज्ञासु लड़की एक बोलने वाले सफेद खरगोश को तेज़ी से आगे जाते हुए देखती है, तो वह उसका पीछा करके एक “खरगोश के छिद्र” में चली जाती है… वहाँ ऐसी अद्भुत दुनिया है, जो विचित्र प्राणियों से भरी है। वहाँ तर्क का कोई मतलब नहीं रह जाता… कुछ भी उम्मीद के अनुसार नहीं होता। यह साहित्यिक रचना, कल्पना पर आधारित है… निर्देशों पर नहीं… इसने बाल साहित्य में क्रांति ला दी… एवं अपनी मज़ेदार, अद्भुत एवं स्थायी आकर्षण शक्ति के कारण हर उम्र के पाठकों को मंत्रमुग्ध किया।
इस पुस्तक के बारे में विकिपीडिया पृष्ठ: en.wikipedia.org/wiki/Alice%27s_Adventures_in_Wonderland