The Theories of Darwin and Their Relation to Philosophy, Religion, and Morality

Schmid, Rudolf, 1828-1907

इस किताब के बारे में

रुडोल्फ श्मिड द्वारा लिखित “डार्विन के सिद्धांत एवं उनका दर्शन, धर्म एवं नैतिकता से संबंध” ऐसी एक वैज्ञानिक रचना है जो 19वीं शताब्दी के अंत में लिखी गई, एवं इसमें डार्विनीय सिद्धांतों के परिणामों पर विस्तार से चर्चा की गई है। यह पुस्तक विकासवादी जीवविज्ञान को दार्शनिक, धार्मिक एवं नैतिक दृष्टिकोणों से जोड़कर डार्विन के विचारों से उत्पन्न हुए विवादों को स्पष्ट करने की कोशिश करती है। श्मिड वैज्ञानिक समझ एवं धार्मिक विश्वास के बीच मौजूद तनावों को दूर करने का प्रयास करते हैं, एवं यह भी बताते हैं कि विकासवादी सिद्धांत कैसे नैतिक दृष्टिकोणों को प्रभावित करते हैं। पुस्तक की शुरुआत में ही श्मिड डार्विन के सिद्धांतों की गहन जाँच की आवश्यकता पर जोर देते हैं, एवं विशेष रूप से उनके वैज्ञानिक आधारों पर चर्चा करते हैं। वे विभिन्न बौद्धिक क्षेत्रों के बीच मौजूद जटिल संबंधों को भी स्पष्ट करते हैं, एवं यह उल्लेख करते हैं कि डार्विन के सिद्धांतों के कारण कई लोगों को अपने वैज्ञानिक एवं धार्मिक विश्वासों में टकराव महसूस होता है। लेखक का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि वैज्ञानिक अनुसंधान एवं धार्मिक विश्वास दोनों साथ-साथ अस्तित्व में रह सकते हैं; एवं डार्विन के विचारों के दर्शन, धर्म एवं नैतिकता पर पड़ने वाले प्रभावों पर चल रही बहसों में योगदान देना है।

लेखक
Schmid, Rudolf, 1828-1907
पढ़ने का स्तर
C1 · उन्नत
भाषा
English