स्टैनली जॉन वेमन द्वारा लिखित “इन किंग्स’ बाईवे” एक ऐतिहासिक उपन्यास है, जो 20वीं सदी की शुरुआत में लिखा गया। कहानी एक युवा क्लर्क प्रॉस्पर के जीवन से शुरू होती है; वह बोवेव बिशप की सेवा में एक आशाजनक पद पर था, लेकिन अचानक ही वह पेरिस की सड़कों पर एक भगोड़े बन गया। कहानी प्रॉस्पर की इस अराजक यात्रा पर केंद्रित है; वह धोखे, अपमान एवं अपने आसपास मौजूद भ्रमों से जूझता रहता है… एक बिंदु पर उसे पता चलता है कि वह वास्तव में शाही महत्व रखता है। इस उपन्यास की शुरुआत पाठकों को 17वीं सदी के पेरिस में ले जाती है… उस समय का जीवंत वातावरण एवं तनाव भी इसमें दर्शाए गए हैं। प्रॉस्पर, शुरू में अपने नए वैवाहिक सुख एवं सामाजिक मान्यता से उत्साहित था, लेकिन जल्द ही ईर्ष्या एवं धोखे का शिकार हो गया… शारीरिक एवं भावनात्मक कठिनाइयों के बीच, उसकी मुलाकात एक रहस्यमय महिला से होती है… अनजाने में ही वह एक बड़ी साजिश में उलझ जाता है… वह बच्चा, असल में फ्रांस का नौजवान राजा है… इस उपन्यास में “सौभाग्य”, “वफादारी” एवं “व्यक्तिगत मुक्ति” जैसे विषय भी प्रमुख रूप से उठाए गए हैं… प्रॉस्पर, खतरों एवं षड्यंत्रों से भरी इस नई दुनिया में कैसे आगे बढ़ता है… यह जानने के लिए पाठक उत्सुक हो जाते हैं।