मुल्तातुली की «De Geschiedenis van Woutertje Pieterse, Deel 1» उनके ग्रंथ «Ideeën» में अंशों के रूप में प्रकाशित हुआ एक उपन्यास है। कहानी वाउटर पीटर्से का अनुसरण करती है, जो फ्रांसीसी काल के दौरान एम्स्टर्डम के एक निम्न-मध्यवर्गीय परिवार में पलने वाला स्वप्नदर्शी और काव्यात्मक बालक है। उसका जिज्ञासु, कल्पनाशील स्वभाव अपने संकीर्ण सोच वाले परिवेश से लगातार टकराता रहता है और यही इस वयःसंधि-कथा का केंद्रीय संघर्ष है। «Max Havelaar» के बाद यह कृति मुल्तातुली की दूसरी सबसे प्रसिद्ध रचना बनी।
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