अलेक्जांद्र ड्यूमा द्वारा लिखित “ला डेम ऑक्स कैमेलियाज” एक उपन्यास है, जो पहली बार 1848 में प्रकाशित हुआ। लेखक के अपनी ही एक वेश्या से हुए प्रेम संबंधों पर आधारित यह उपन्यास, मार्गरिट गौतियर नामक वेश्या एवं अरमांड डुवाल नामक एक युवा बुर्जुआ की दुखद कहानी है। जब वे दोनों साथ ग्रामीण क्षेत्र में चले जाते हैं, तो अरमांड के पिता हस्तक्षेप कर देते हैं; क्योंकि उन्हें डर है कि यह मामला परिवार की प्रतिष्ठा को नष्ट कर देगा। यह उपन्यास, उन्नीसवीं सदी के पेरिस में समाज की नैतिक अपेक्षाओं के कारण वर्जित हो गए प्रेम संबंधों का वर्णन करता है।
इस पुस्तक के बारे में विकिपीडिया पृष्ठ: en.wikipedia.org/wiki/The_Lady_of_the_Camellias fr.wikipedia.org/wiki/La_Dame_aux_cam%C3%A9lias