ओलिवियर द ला मार्श की “Le chevalier délibéré” 1483 में लिखी गई एक फ्रांसीसी रूपकात्मक कविता है। जीवन की संध्या में पहुँचा ऐक्टर नामक एक शूरवीर मठ में निवृत्त होने से पहले मृत्यु के अजेय योद्धाओं का सामना करने के अभियान पर निकलता है। अपनी यात्रा के दौरान उसका सामना रूपकात्मक पात्रों से होता है और वह बरगंडी के शासकों फिलिप द गुड, चार्ल्स द बोल्ड और मैरी ऑफ बरगंडी से जुड़े निर्णायक द्वंद्वों का साक्षी बनता है। यह विषादपूर्ण कृति बरगंडी की संस्कृति का एक महत्वपूर्ण ग्रंथ और सम्राट चार्ल्स पंचम की प्रिय पुस्तक बन गई।
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