जैकब एबट की "रोलो’ज़ एक्सपेरिमेंट्स" 19वीं सदी के आरंभ में लिखी गई बच्चों की एक शैक्षिक पुस्तक है। यह रचना रोलो पर केंद्रित है, जो एक जिज्ञासु और खोजी स्वभाव का बालक है तथा खगोलशास्त्र, वनस्पतिशास्त्र और यहाँ तक कि सरल भौतिकी सहित प्राकृतिक संसार से जुड़े विभिन्न प्रयोगों और चर्चाओं में भाग लेता है। परिवार और मित्रों के साथ रोलो की बातचीत के माध्यम से कहानी का उद्देश्य युवा पाठकों को वैज्ञानिक सिद्धांतों तथा अवलोकन और जिज्ञासापूर्वक पूछताछ के महत्त्व के बारे में सिखाना है। कहानी की शुरुआत में रोलो को एक विचारशील बच्चे के रूप में दिखाया गया है, जो अपने पिता के यहाँ काम करने वाले लड़के जोनस के साथ हुई उस बातचीत पर मनन करता है, जिसमें अलग-अलग ऋतुओं के दौरान सूर्य की स्थिति और अस्तबल के भीतर गर्मी पर उसके प्रभाव की चर्चा हुई थी। समय के साथ सूर्य की गति का अवलोकन करने के विचार को समझने की कोशिश करते हुए रोलो अपनी चचेरी बहन लूसी से मिलता है और दोनों चर्चा करते हैं कि वे इस घटना के बारे में अधिक जानकारी कैसे प्राप्त कर सकते हैं। उनके प्रयोग धीरे-धीरे आगे बढ़ते हैं और उनमें रोलो के पिता द्वारा बागवानी तथा छँटाई के बारे में दी गई व्याख्याएँ भी शामिल हो जाती हैं। इससे रोलो की जिज्ञासु प्रवृत्ति और उसके आसपास होने वाली रोचक बातचीत उभरकर सामने आती है, जो वैज्ञानिक सोच की नींव रखती हैं। आरंभिक भाग एक चंचल किंतु शिक्षाप्रद वातावरण स्थापित करता है, जहाँ रोलो अपनी सीखने की रोमांचक यात्राओं पर निकलता है।