रद्यार्ड किपलिंग द्वारा लिखित “जस्ट सो स्टोरीज़” 1902 में प्रकाशित एक कहानियों का संग्रह है। इन मज़ेदार कहानियों में बताया गया है कि जानवरों को उनकी विशिष्ट विशेषताएँ कैसे प्राप्त हुईं – जैसे सील की गला इतनी छोटी क्यों है, ऊँट को उसकी कमर कैसे मिली, एवं तेंदुए पर धब्बे कैसे आए। ये कहानियाँ मूल रूप से किपलिंग की बेटी को सुनाई जाने वाली नींद की कहानियाँ ही थीं; उसने माँग की थी कि ये कहानियाँ ठीक वैसी ही सुनाई जाएँ, जैसी वह चाहती है। इन कल्पनाशील कहानियों में कल्पना एवं दर्शन का सुंदर संयोजन है, एवं इनके चित्र किपलिंग ने स्वयं बनाए। इस प्रकार, यह बच्चों की साहित्य में एक अमर क्लासिक रचना बन गई।
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