थॉम्पसन बुकानन का उपन्यास “मेकिंग पीपल हैप्पी” 20वीं सदी के आरंभ में लिखा गया था। कथा सिसिली हैमिल्टन के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक युवा नवविवाहिता है और विवाह में अपनी भूमिका तथा घरेलू जीवन से परे किसी उद्देश्य की अपनी इच्छा से जूझ रही है। महिलाओं के अधिकारों से जुड़े सामाजिक मुद्दों की पृष्ठभूमि में रची गई यह कहानी सिविटास क्लब के भीतर के संबंधों का अन्वेषण करती है, जहाँ महिलाएँ अपने लिंग की मुक्ति पर चर्चा करने के लिए एकत्र होती हैं और साथ ही व्यक्तिगत संघर्षों तथा महत्वाकांक्षाओं को भी उजागर करती हैं। उपन्यास का आरंभ सिसिली के परिचय से होता है, जो सिविटास क्लब की उत्साही किंतु अव्यवस्थित बैठक की अध्यक्षता कर रही है। वहाँ जोशीली महिलाओं का मिला-जुला समूह महिलाओं के अधिकारों और समाज में उनकी भूमिकाओं को लेकर उन्माद में है। सिसिली व्यवस्था बनाए रखने के लिए संघर्ष करती है और अंततः क्लब की दिशाहीनता तथा अपने विवाह से असंतोष, दोनों के प्रति अपनी हताशा प्रकट करती है। क्लब की चर्चाओं के कोलाहल और अपनी उथल-पुथल भरी भावनाओं के बीच आगे बढ़ते हुए, वह व्यक्तिगत संतोष पाने तथा पत्नी और समाज की सदस्य के रूप में उस पर थोपी गई अपेक्षाओं का सामना करने की यात्रा पर निकलती है।