रॉबर्ट ग्रांट का “ए रोमांटिक यंग लेडी” 19वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में लिखा गया एक उपन्यास है। कहानी वर्जीनिया हार्लन पर केंद्रित है, जो एक समृद्ध किंतु अपरंपरागत परिवार में पली-बढ़ी युवती है और अपनी विरासत तथा उस पर थोपी गई अपेक्षाओं से जूझते हुए समाज में अपना स्थान बनाने का प्रयास करती है। कथानक के केंद्र में वर्जीनिया के अपने पिता, अपनी बुआओं और रोजर डेल नामक एक युवक के साथ संबंध हैं; वह सामाजिक दबावों के बीच प्रेम और स्वतंत्रता की तलाश करती है। पुस्तक के आरंभ में हमारा परिचय वर्जीनिया और उसकी असामान्य परवरिश से होता है, जिस पर उसकी दोनों बुआओं का प्रभाव है और जिन्होंने उसकी शिक्षा तथा जीवन के प्रति उसके दृष्टिकोण को आकार दिया है। अठारह वर्ष की आयु में समाज में प्रवेश करने की तैयारी करते हुए वर्जीनिया को पता चलता है कि उसे एक बड़ी संपत्ति विरासत में मिलने वाली है, जिससे संबंधों और अपनी पहचान को लेकर उसकी धारणाएँ जटिल हो जाती हैं। अपने पिता के मार्गदर्शन में वर्जीनिया धन-संपत्ति के संभावित नुकसानों और अपनी दौलत के कारण उत्पन्न होने वाले दिखावटी प्रणय-प्रस्तावों से अवगत होती है। यह आरंभ उसके आगामी प्रेम-संबंधों और स्वायत्तता के लिए उसके संघर्ष की पृष्ठभूमि तैयार करता है, साथ ही उसके आदर्शवादी सपनों और सामाजिक अपेक्षाओं की कठोर वास्तविकताओं के बीच के तनाव को उजागर करता है।