जूल्स लेमैत्र की "ABC: पेटी कॉन्त" संभवतः 20वीं सदी के आरंभ में लिखी गई बच्चों की कहानियों का संग्रह है। यह पुस्तक युवा पाठकों के लिए रचे गए विभिन्न पशु-पात्रों और नैतिक शिक्षाओं का मनोहर परिचय प्रस्तुत करती है तथा बच्चों और कहानी-कथन के प्रति लेखक के स्नेह को दर्शाती है। इसमें कल्पनाशीलता, हास्य और जीवनोपयोगी शिक्षाओं का समन्वय है, जिससे यह परिवारों और शिक्षकों, दोनों के लिए उपयुक्त पाठ बन जाती है। इस संग्रह में पशुओं पर केंद्रित कई मोहक कथाएँ हैं, जिनमें से प्रत्येक सरल, किंतु सार्थक शिक्षाओं से युक्त है। उदाहरण के लिए, "बदसूरत बत्तख़ का बच्चा" जैसी कहानियाँ आत्म-स्वीकृति के विषय को उजागर करती हैं, जबकि "नन्हा चूहा और बड़ा पनीर" लालच के परिणामों को दर्शाती है। प्रत्येक कथा संक्षिप्त और रोचक है तथा उसमें अक्सर चंचल संवाद और सजीव चित्रात्मकता शामिल होती है, जो बच्चों को लेमैत्र द्वारा रची गई कल्पनालोक की दुनिया में खींच ले जाती है। ये कहानियाँ कल्पनाशक्ति और नैतिक समझ, दोनों को विकसित करती हैं, जिससे उनका आकर्षण और शैक्षिक महत्त्व कालातीत बना रहता है।