शार्लोट पर्किन्स गिलमैन द्वारा लिखित “हरलैंड” एक नारीवादी आदर्शवादी उपन्यास है, जो 1915 में लिखा गया। तीन पुरुष अन्वेषकों को एक ऐसा समुदाय मिलता है, जो पूरी तरह से महिलाओं से बना है, एवं जहाँ महिलाएँ पुरुषों के बिना ही संतानों को जन्म देती हैं। यह घटना उनके लिंग, सभ्यता एवं मानव प्रकृति से संबंधित सभी मान्यताओं को चुनौती देती है। जैसे-जैसे ये पुरुष इस “महिला-ही-आधारित आदर्श समुदाय” की भाषा एवं रीति-रिवाजों को जानने लगते हैं… जहाँ युद्ध, संघर्ष एवं शासन की कोई आवश्यकता ही नहीं है… उन्हें महिलाओं के बारे में अपनी पूर्वधारणाओं का सामना करना पड़ता है… एवं ऐसी खोजें उनकी समाज-समझ को ही परखने में मदद करती हैं।
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