Second Variety
फिलिप के. डिक की “सेकंड वैरायटी” मई 1953 में प्रकाशित एक विज्ञान-कथा लघु-उपन्यासिका है। सोवियत संघ और संयुक्त राष्ट्र के बीच हुए परमाणु युद्ध के बाद तबाह हो चुकी दुनिया में स्थापित यह कहानी उन गिने-चुने बचे सैनिकों का अनुसरण करती है, जिन्हें पता चलता है कि स्वयं की प्रतिकृति बनाने वाले हत्यारे रोबोट चेतना प्राप्त कर चुके हैं और अपनी मूल प्रोग्रामिंग से आगे विकसित हो गए हैं। अब ये मशीनें ऐसे परिष्कृत एंड्रॉइड बना रही हैं, जिन्हें मनुष्यों से अलग पहचानना असंभव है और जो दोनों पक्षों के लिए खतरा बन गए हैं। जब मेजर जोसेफ हेंड्रिक्स सोवियत बचे लोगों से मिलने के लिए यात्रा करता है, तो उसका सामना ऐसे शत्रु से होता है, जिसने भयावह रूप से मानवीय तरीकों से छल करना सीख लिया है।
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