अर्नेस्ट ब्रामा की रचना "द सीक्रेट ऑफ द लीग: द स्टोरी ऑफ अ सोशल वॉर" 1907 में प्रकाशित एक डिस्टोपियाई उपन्यास है। लेबर पार्टी की चुनावी सफलताओं के बाद लिखी गई यह कृति ऐसे भविष्य की कल्पना करती है जिसमें लेबर पार्टी ब्रिटेन में भारी बहुमत के साथ सत्ता हासिल कर लेती है। उच्चवर्गीय षड्यंत्रकारियों का एक गुप्त समूह आर्थिक तोड़फोड़ और गृहयुद्ध के माध्यम से लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित सरकार को उखाड़ फेंकने की साजिश रचता है। जॉर्ज ऑरवेल ने इस पुस्तक को फासीवाद के उदय की भविष्यवाणी करने वाली कृति बताया और साथ ही यह भी उजागर किया कि क्रांति के खतरे के सामने मध्यवर्ग किन क्रूर उपायों को सहन कर सकता है।