ऑस्कर वाइल्ड द्वारा लिखित “द पिक्चर ऑफ डोरियन ग्रे” एक दार्शनिक काल्पनिक उपन्यास है, जो 1890 में प्रकाशित हुआ। जब एक सुंदर युवक यह इच्छा करता है कि उसका चित्र ही उम्र लेने लगे, न कि वह स्वयं… तो उसकी यह इच्छा भयानक ढंग से साकार हो जाती है। जैसे-जैसे डोरियन आनंदप्रधान एवं अनैतिक जीवन जीने लगता है, वह तो युवा ही रहता है… लेकिन हर पाप के साथ उसका चित्र धूसर होता जाता है। इस क्लासिक उपन्यास में वाइल्ड खूबसूरती, नैतिकता, एवं अनियंत्रित इच्छाओं के भ्रष्टकरणकारी प्रभावों पर विस्तार से चर्चा करते हैं… जिसने प्रकाशन के समय बहुत ही विवाद खड़ा कर दिया… लेकिन आज भी यह उनका सबसे प्रसिद्ध उपन्यास माना जाता है।
1890 में प्रकाशित, 13 अध्यायों वाला संस्करण। इस पुस्तक के बारे में विकिपीडिया पेज: en.wikipedia.org/wiki/The_Picture_of_Dorian_Gray