«Private Letters of Edward Gibbon (1753-1794) Volume 2 (of 2)» एडवर्ड गिबन का व्यक्तिगत पत्राचार संग्रह है, जो अठारहवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में लिखा गया। ये पत्र गिबन के जीवन की अंतरंग झलकियाँ देते हैं और महत्वपूर्ण ऐतिहासिक परिवर्तन के काल में उनके अनुभवों, राजनीतिक विषयों पर उनके विचारों तथा निजी संबंधों को प्रतिबिंबित करते हैं। यह खंड महान इतिहासकारों में से एक के बौद्धिक लगाव और दैनिक जीवन का मिश्रण प्रकट करता है, और स्वास्थ्य, अवकाश तथा सार्वजनिक मामलों पर उनके विचारों को दर्शाता है। खंड के आरंभ में गिबन अपनी सौतेली माँ को संबोधित करते हुए उन्हें अपने कुशल होने का आश्वासन देते हैं और अपनी हाल की गतिविधियों का विवरण देते हैं। वे संसद के सदस्य के रूप में अपने निर्वाचन का उल्लेख करते हैं और उस सामाजिक जीवन पर विचार करते हैं जिसका वे आनंद लेते हैं, जिसमें ब्राइथेलमस्टोन स्थित अपने ग्रामीण निवास पर समय बिताने की योजनाएँ शामिल हैं। गिबन विभिन्न मित्रों के प्रति अपनी भावनाएँ व्यक्त करते हैं, ग्रीष्म ऋतु में अपने स्वास्थ्य और संतोष की चर्चा करते हैं, और अपने सामाजिक तथा राजनीतिक वृत्तों को प्रभावित करने वाली महत्वपूर्ण घटनाओं का संकेत देते हैं। आरंभिक पत्र एक व्यक्तिगत स्वर स्थापित करते हैं, जो केवल गिबन के व्यक्तिगत चरित्र को ही नहीं, बल्कि उस समय की सामाजिक साजिशों को भी प्रकट करते हैं।
The History of the Decline and Fall of the Roman Empire
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B2
History of the Decline and Fall of the Roman Empire — Volume 6
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C1
Storia della decadenza e rovina dell'impero romano, volume 06
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B2
History of the Decline and Fall of the Roman Empire — Volume 2
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B1
History of the Decline and Fall of the Roman Empire — Volume 1
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C1
Storia della decadenza e rovina dell'impero romano, volume 03