"The Anatomy of the Human Peritoneum and Abdominal Cavity" जॉर्ज एस. हंटिंगटन की एक वैज्ञानिक कृति है, जो बीसवीं शताब्दी के आरंभ में लिखी गई। पुस्तक मानव पेरिटोनियम और उदर गुहा की शरीररचना का विवेचन करती है तथा जटिल मानव शारीरिक संरचनाओं को समझने में विकास और तुलनात्मक शरीररचना के महत्व पर बल देती है। इसका उद्देश्य भ्रूणविज्ञान संबंधी अध्ययनों और वयस्क शरीररचना के बीच की दूरी को पाटना तथा उनके पारस्परिक संबंधों पर अंतर्दृष्टि प्रदान करना है। पुस्तक का आरंभ पाठकों को इस आशय से परिचित कराता है कि वयस्क मानव शरीररचना की जटिलताओं को स्पष्ट करने के लिए भ्रूणविज्ञान और तुलनात्मक शरीररचना को साधन के रूप में प्रयुक्त किया जाएगा। लेखक पाठ की व्यवस्था की व्याख्या करता है तथा वयस्क शारीरिक अवस्थाओं को स्पष्ट करने के लिए निम्नतर कशेरुकी प्राणियों में भ्रूणीय विकास की अवस्थाओं को समझने के महत्व को रेखांकित करता है। हंटिंगटन उदर संबंधी शरीररचना के विविध पक्षों के विस्तृत अन्वेषण की भूमिका तैयार करते हैं, जिसमें पेरिटोनियम की शरीररचना तथा संरचना और कार्य दोनों पर उसके निहितार्थों पर ध्यान केंद्रित है।