«मार्केन्स ग्रøde, फ़र्स्टे देल» क्नूट हामसुन का 1917 में प्रकाशित उपन्यास है, जिसके लिए उन्हें साहित्य का नोबेल पुरस्कार मिला। इसमें इसाक नामक एक नॉर्वेजियन व्यक्ति की कहानी है जो दूरस्थ भूमि पर बस जाता है और जंगल से एक खेत बनाता है। जैसे-जैसे उसका परिवार बढ़ता है और टेलीग्राफ लाइनें तथा खनन की संभावनाएँ सभ्यता को पास लाती हैं, इसाक को अपने कृषि मूल्यों और आधुनिकता की शक्तियों के बीच रास्ता निकालना पड़ता है। कहानी बीसवीं सदी के आरंभिक प्रगति के परिप्रेक्ष्य में मानवता के पृथ्वी से आदिम संबंध की पड़ताल करती है।
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