जूल्स वर्न द्वारा लिखित “वॉयेज ऑ क्लेर सेंटर डी ला टेर” एक रोमांचक उपन्यास है, जो 1864 में लिखा गया। जब एक जर्मन प्रोफेसर ने 16वीं शताब्दी के एक रसायनज्ञ द्वारा लिखी गई एक रहस्यमय संदेश-पत्री को समझ लिया, तो उन्हें आइसलैंड के एक ज्वालामुखी के माध्यम से पृथ्वी के केंद्र तक पहुँचने हेतु निर्देश मिले। अपने अनिच्छुक भतीजे एवं एक दृढ़संकल्पी मार्गदर्शक के साथ मिलकर वह ऐसी अद्भुत भूमिगत यात्रा पर निकल पड़े, जो उस समय के वैज्ञानिक सिद्धांतों को चुनौती देती है। यह प्रथम ऐसा उपन्यास है, जिसमें भूवैज्ञानिक ज्ञान, जीवाश्मविज्ञान एवं साहसपूर्ण कल्पनाओं का मिश्रण पृथ्वी के भूमिगत भागों की खोज में प्रयोग में आया है।
इस पुस्तक के बारे में विकिपीडिया पृष्ठ: en.wikipedia.org/wiki/Journey_to_the_Center_of_the_Earth fr.wikipedia.org/wiki/Voyage_au_centre_de_la_Terre