«साइकोलॉजीज़» सर रोनाल्ड रॉस का काव्यात्मक अध्ययनों का संग्रह है, जो बीसवीं शताब्दी के आरंभ में प्रकाशित हुआ। यह पुस्तक मनोवैज्ञानिक विषयों से जुड़ी काव्यात्मक खोजों की एक शृंखला प्रस्तुत करती है तथा मानवीय अनुभवों, भावनाओं और अस्तित्व की प्रकृति पर चिंतन करती है। इसमें पाँच पृथक रचनाएँ हैं, जिनमें से प्रत्येक मानव मन के विभिन्न पक्षों में उतरती है, गीतात्मक और नाटकीय छंदों के माध्यम से। संग्रह «ओथो» से खुलता है, जहाँ एक सैनिक युद्ध की पुकार लगाते अपने सिपाहियों के बीच नेतृत्व का भार झेलता है और सम्मान, कर्तव्य तथा व्यक्तिगत विश्वास पर गहरे चिंतन व्यक्त करता है। «द ट्रायम्फ» में थियोडोरा और ऑस्टिन उत्पीड़न पर विजय का उत्सव मनाते हैं, किंतु अपने कर्मों के भार का भी सामना करते हैं। «एविल» एक अधिक अंधकारमय मोड़ लेता है और काउंट डैन्सबर्ग तथा उनकी पोती के संवादों के माध्यम से पारिवारिक विश्वासघात और नैतिक पतन की पड़ताल करता है। «द मार्श» में मेलफोर्ट एक मरणासन्न कन्या एवाइद को पाता है, जिससे प्रेम और मृत्यु के गुँथे हुए तनावपूर्ण अन्वेषण का सूत्र बनता है। समापन रचना «द बॉय्ज़ ड्रीम» ओबेरॉन और टाइटेनिया के बीच एक कल्पनाशील भेंट प्रस्तुत करती है तथा परिकथा के तत्वों के माध्यम से मानवीय मूर्खता पर टिप्पणी करने देती है। मिलकर ये अध्ययन मानवीय भावना, नैतिकता तथा आनंद और शोक के अंतर्संबंध की बारीकियों पर चिंतन करते हुए एक जटिल ताना-बाना बुनते हैं।