"Worlds Within Worlds: The Story of Nuclear Energy, Volume 1 (of 3)" आइज़क असिमोव द्वारा 1970 के दशक के आरंभ में लिखी गई एक वैज्ञानिक कृति है। यह पुस्तक परमाणु ऊर्जा की प्रकृति और महत्त्व का सुबोध परिचय देती है तथा परमाणु, विद्युत और ऊर्जा की मूल अवधारणाओं की पड़ताल करती है। इसका उद्देश्य व्यापक जनता को नाभिकीय विज्ञान की प्रगति और मानवता के लिए उसके निहितार्थों से अवगत कराना है। इस खंड की सामग्री कई प्रमुख विषयों में जाती है, जिनका आरंभ परमाणु सिद्धांत की ऐतिहासिक नींव और विभिन्न तत्वों के गुणों से होता है। असिमोव परमाणु भार, परमाणु की संरचना और रेडियोऐक्टिविटी के महत्त्व जैसी निर्णायक अवधारणाएँ समझाते हैं। वे इलेक्ट्रॉनों की खोज और विद्युत में उनकी भूमिका का विवेचन करते हैं, जिससे रासायनिक ऊर्जा तथा ऊर्जा संरक्षण के नियमों की समझ बनती है। उल्लेखनीय रूप से, पुस्तक विखंडन जैसी नाभिकीय अभिक्रियाओं से उत्पन्न ऊर्जा पर बल देती है और भविष्य के ऊर्जा विकास के लिए गहरे निहितार्थ तथा लाभकारी और हानिकारक दोनों प्रयोजनों के लिए नाभिकीय ऊर्जा के दोहन की रूपांतरकारी संभावना को रेखांकित करती है।