मार्कस ऑरेलियस द्वारा रचित "द मेडिटेशन्स ऑफ द एम्परर मार्कस ऑरेलियस एंटोनिनस" 170–180 ईस्वी के बीच लिखी गई निजी रचनाओं की एक शृंखला है। यूनानी भाषा में स्वयं के लिए निजी टिप्पणियों के रूप में लिखे गए ये चिंतन सैन्य अभियानों के दौरान रोमन सम्राट के स्टोइक दर्शन और आत्म-सुधार संबंधी विचारों को संजोते हैं। प्रकाशन के लिए कभी अभिप्रेत न रहे इन बारह ग्रंथों में अपने निर्णयों का विश्लेषण करने, ब्रह्मांड में अपना स्थान खोजने, एकाग्रता बनाए रखने और तर्क के अनुरूप जीवन जीने जैसे विषयों का अन्वेषण किया गया है। यह कृति इस बात का विवेचन करती है कि भौतिक चिंताओं से ऊपर कैसे उठा जाए और तर्कशीलता तथा स्पष्टचित्तता के माध्यम से आंतरिक सामंजस्य कैसे प्राप्त किया जाए।
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