थॉमस एच. डिकिन्सन द्वारा संपादित “द कम्प्लीट प्लेज़ ऑफ़ रॉबर्ट ग्रीन” 16वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में लिखे गए नाटकों का संग्रह है। यह खंड एलिज़ाबेथीय नाटक के एक प्रमुख व्यक्तित्व रॉबर्ट ग्रीन की कृतियों को प्रस्तुत करता है, जिनका जीवन और लेखन उनके समय की जटिलता तथा अंग्रेज़ी रंगमंच के विकास को प्रतिबिंबित करते हैं। इसमें शामिल नाटक रूमानियत, नैतिकता और व्यंग्य के मिश्रण के लिए जाने जाते हैं, जो जीवन, समाज और अंग्रेज़ी नाटक के उभरते रूप पर ग्रीन के विशिष्ट दृष्टिकोण को दर्शाते हैं। संग्रह का आरंभ ग्रीन के जीवन और एलिज़ाबेथीय युग के संदर्भ में उनके महत्त्व का विस्तृत परिचय प्रस्तुत करता है। इसमें उनकी प्रतिष्ठा से जुड़े भ्रमों को संबोधित करते हुए नाटक को केवल उपदेशात्मक कथावाचन से अलग एक स्वतंत्र कला-रूप के रूप में विकसित करने में उनके योगदान पर बल दिया गया है। परिचयात्मक खंड में मार्लो और शेक्सपियर जैसे समकालीन नाटककारों के साथ ग्रीन के संबंधों तथा उनकी रचनाओं में उपस्थित नैतिक विषयों पर चर्चा की गई है। व्यक्तिगत दुर्गुणों और सामाजिक आलोचना से ग्रीन का संघर्ष उनके नाटकों में गहराई की एक अतिरिक्त परत जोड़ता है, जिससे पाठकों को न केवल षड्यंत्र और साहसिक घटनाओं की कथाएँ मिलती हैं, बल्कि मानव स्वभाव और समाज की नैतिक संरचना पर सूक्ष्म चिंतन भी प्राप्त होता है।