Ford A. Carpenter की “The Aviator and the Weather Bureau” 20वीं सदी के आरंभ में लिखा गया एक गैर-काल्पनिक वृत्तांत है, जो विशेष रूप से प्रथम विश्व युद्ध-कालीन विमानन के संदर्भ में है। यह पुस्तक दक्षिणी कैलिफ़ोर्निया में विमानन के इतिहास और विकास का अन्वेषण करती है और विशेष रूप से सैन डिएगो स्थित युद्ध विभाग के विमानन विद्यालय पर ध्यान केंद्रित करती है। इसमें मौसम-विज्ञान और विमानन के अंतर्संबंध का गहन अध्ययन किया गया है तथा विमान चालकों के लिए मौसम के अध्ययन के महत्त्व पर बल दिया गया है—उस समय उड़ान के प्रति बढ़ती रुचि को देखते हुए यह एक सामयिक विषय था। पुस्तक की सामग्री Carpenter के अनुभवों और अवलोकनों के इर्द-गिर्द संगठित है, जिन्होंने विमानन विद्यालय में मौसम-विज्ञानी के रूप में कार्य किया था। इसमें विमान चालकों की प्रशिक्षण प्रक्रियाओं, अनुप्रयुक्त मौसम-विज्ञान के पाठों और उड़ान-अवलोकनों से संबंधित प्रत्यक्ष वृत्तांतों का विस्तृत विवरण शामिल है। Carpenter उड़ान के लिए मौसम की परिस्थितियों के महत्त्व, विमानों में हुई तकनीकी प्रगति और विमान चालकों तथा मौसम ब्यूरो के बीच सहयोगात्मक प्रयासों पर चर्चा करते हैं। व्यक्तिगत प्रसंगों और तकनीकी अंतर्दृष्टियों से भरपूर यह पुस्तक मौसम संबंधी घटनाओं को समझने और सफल विमानन के बीच के महत्त्वपूर्ण संबंध को उजागर करती है, जिससे यह उड़ान और मौसम-विज्ञान के इतिहास में रुचि रखने वालों के लिए जानकारीपूर्ण और रोचक पाठ बन जाती है।