एग्नेस रेप्लियर की पुस्तक "Essays in Idleness" उन्नीसवीं सदी के उत्तरार्ध में लिखे गए निबंधों का संग्रह है। यह पुस्तक जीवन, साहित्य और व्यक्तिगत अनुभवों पर रेप्लियर के चिंतन और अवलोकनों के माध्यम से विभिन्न विषयों का अन्वेषण करती है। आरंभिक भाग में विशेष रूप से लेखिका की आकर्षक बिल्ली, एग्रीपिना, का परिचय दिया गया है और यह बिल्लियों के स्वभाव, उनकी स्वतंत्रता तथा मनुष्यों के साथ उनके अनोखे सहचर्य पर एक व्यापक विमर्श की भूमिका बनता है। संग्रह की शुरुआत में लेखिका एग्रीपिना के राजसी व्यवहार और अपनी मानवीय संगिनी के साथ उसके स्नेहपूर्ण किंतु तिरस्कार-भरे संबंध का वर्णन करती हैं। रेप्लियर बिल्लियों के स्वभाव पर विनोदपूर्ण और सूक्ष्म चिंतन प्रस्तुत करती हैं, उनकी तुलना कुत्तों से करती हैं और ऐसे स्वतंत्र जीव के साथ रहने के सुखों तथा चुनौतियों को व्यक्त करती हैं। अपनी हल्की-फुल्की गद्य-शैली के माध्यम से वह सहचर्य, स्वायत्तता और दैनिक जीवन में सौंदर्य की सराहना जैसे विषयों का अन्वेषण करती हैं, जिससे आगे आने वाले विचारपूर्ण और अक्सर चंचल निबंधों का स्वर निर्धारित होता है।