पिएत्रो वेरी द्वारा रचित “Storia di Milano, vol. 2” 19वीं सदी के मध्य में लिखा गया एक ऐतिहासिक वृत्तांत है। यह खंड विस्कोंती परिवार के शासनकाल के दौरान मिलान के इतिहास पर केंद्रित है और मत्तेओ प्रथम, गालेआत्सो प्रथम तथा आचोने विस्कोंती जैसे प्रमुख व्यक्तित्वों का विवेचन करता है। वृत्तांत उन राजनीतिक गतिशीलताओं, संघर्षों और विकासक्रमों का अन्वेषण करता है जिन्होंने नगर और उसके शासन-तंत्र को आकार दिया, जिससे यह मिलान के इतिहास और उसके राजनीतिक परिदृश्य के विकास में रुचि रखने वालों के लिए एक अनिवार्य पाठ बन जाता है। इस खंड के आरंभ में लेखक मिलान में मत्तेओ विस्कोंती के सत्ता में उदय से जुड़ी राजनीतिक परिस्थितियों का गहन विश्लेषण करते हुए उसके बाद आई अस्थिरता और परिवर्तनों को रेखांकित करता है। वेरी मत्तेओ की रणनीतिक स्थिति, पवित्र रोमन साम्राज्य के साथ उसके संबंध और अंततः साम्राज्यिक प्रतिनिधि-पद से मिलान पर प्रभुत्व तक उसके संक्रमण का वर्णन करते हैं। पाठ सामंती व्यवस्था की जटिलताओं, आंतरिक संघर्षों तथा धार्मिक और नागरिक प्राधिकारों के परस्पर संबंध का भी परिचय देता है और इस प्रकार मिलान के इतिहास पर विस्कोंती परिवार के प्रभाव के गहनतर अन्वेषण की पृष्ठभूमि तैयार करता है।