Wissenschaft der Logik — Band 1

Hegel, Georg Wilhelm Friedrich, 1770-1831

इस किताब के बारे में

जॉर्ज विल्हेल्म फ्रेडरिक हेगेल द्वारा रचित “तर्कशास्त्र की विज्ञान – खंड 1” एक दार्शनिक ग्रंथ है, जो 1812 से 1816 के बीच प्रकाशित हुआ। अपनी पूर्ववर्ती “दृश्यमानता-विज्ञान” संबंधी रचनाओं के आधार पर हेगेल ने ऐसी तर्कशास्त्रीय व्यवस्था विकसित की, जो प्राचीन दर्शन एवं आधुनिक विचारधाराओं को एक साथ जोड़ती है। व्याख्यात्मक तर्क के माध्यम से उन्होंने ऐसी तार्किक श्रेणियाँ प्रस्तुत कीं, जिनमें व्यक्तिगत एवं वस्तुनिष्ठ दोनों प्रकार की वास्तविकता मौजूद है; इन्हें उन्होंने “दुनिया की आंतरिक प्रकृति” के रूप में प्रस्तुत किया। इस ग्रंथ में “अस्तित्व”, “कुछ भी न होना”, “परिवर्तन”, “गुण” एवं “मात्रा” जैसी मौलिक अवधारणाओं पर विस्तार से चर्चा की गई है; यह दर्शाया गया है कि इनमें से प्रत्येक अवधारणा अपनी आंतरिक विरोधाभासों एवं एकता के माध्यम से अन्य अवधारणाओं में परिवर्तित हो जाती है।

टिप्पणियाँ

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लेखक
Hegel, Georg Wilhelm Friedrich, 1770-1831
पढ़ने का स्तर
B2 · उच्च-मध्यम
भाषा
Deutsch