फ़्रीडरिख़ शिलर का “द रॉबर्स” 1781 में प्रकाशित एक नाटकीय कृति है। यह क्रांतिकारी रचना दो ऐसे कुलीन भाइयों पर केंद्रित है, जो एक विनाशकारी संघर्ष में जकड़े हुए हैं: करिश्माई कार्ल और चालाक फ़्रांज़, जो अपने भाई की विरासत चुराने की साज़िश रचता है। फ़्रांज़ की चालबाज़ियाँ कार्ल को विद्रोह और हिंसा की ओर धकेलती हैं, वहीं यह नाटक स्वतंत्रता और क़ानून, अच्छाई और बुराई के बीच धुंधली सीमाओं का अन्वेषण करता है। शिलर की भावनात्मक रूप से आवेशित भाषा और हिंसा का उनका बेबाक चित्रण अठारहवीं सदी के दर्शकों को स्तब्ध कर गया, जिससे वे रातोंरात सनसनी बन गए और यूरोपीय मेलोड्रामा पर उनका गहरा प्रभाव पड़ा।
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