जेम्स हटन द्वारा लिखित “द थ्योरी ऑफ द अर्थ, विथ प्रूफ्स एंड इलस्ट्रेशन्स, वॉल्यूम 1 (ऑफ 4)” एक भूवैज्ञानिक पुस्तक है जो 1795 में प्रकाशित हुई। यह महत्वपूर्ण पुस्तक यह दर्शाकर आधुनिक भूविज्ञान की नींव रखी कि पृथ्वी, लंबे समय के दौरान प्राकृतिक शक्तियों के कारण ही उत्पन्न हुई है। हटन ने सुझाव दिया कि आज जो प्रक्रियाएँ देखी जा रही हैं, यदि पर्याप्त समय दिया जाए, तो वे ही चट्टानों में दिखने वाली भूवैज्ञानिक विशेषताओं की व्याख्या कर सकती हैं। उनका यह कार्य बाइबल में दी गई कालानुक्रमिकताओं को चुनौती देता है, एवं “यूनिफॉर्मिटेरियनिज्म” (Uniformitarianism) सिद्धांत की शुरुआत करता है; जिसका चार्ल्स लाइल एवं चार्ल्स डार्विन सहित बाद के अनेक वैज्ञानिकों पर गहरा प्रभाव पड़ा।
इस पुस्तक के बारे में विकिपीडिया पृष्ठ: en.wikipedia.org/wiki/Theory_of_the_Earth