Dagdrömmar

Hellström, Gustaf, 1882-1953

इस किताब के बारे में

गुस्ताफ हेल्स्ट्रॉम द्वारा लिखित “डैगड्रोमर” एक 20वीं सदी की शुरुआत में लिखी गई उपन्यास है। इस कहानी का केंद्रबिंदु एक युवा पात्र स्टेलन है, जो बचपन की जटिलताओं, पारिवारिक संबंधों एवं बड़े होने की चुनौतियों से निपटता है। इसमें स्टेलन के दर्दनाक अनुभवों का वर्णन किया गया है; खासकर उसकी माँ की बीमारी एवं उसके आसपास के लोगों से जुड़ी भावनाओं का। “डैगड्रोमर” की शुरुआत ही स्टेलन के जीवन की उस अनिश्चितता को दर्शाती है, जो उसकी माँ के स्वास्थ्य से जुड़ी है। वह अपने आसपास के वयस्कों की प्रतिक्रियाओं को देखता है – उसकी माँ की बीमारी, एवं घरेलू नौकरानी एवं डॉक्टर सहित अन्य लोगों के साथ उनका परस्पर क्रियाकलाप। स्टेलन कई भावनाओं में उलझ जाता है – अपनी माँ की विशिष्टता पर गर्व से लेकर उसकी बीमारी से होने वाली परेशानी तक। इस दुनिया में जैसे-जैसे वह आगे बढ़ता है, वह शक्ति के खेलों में भाग लेता है, एवं डर, ईर्ष्या एवं भ्रम जैसी भावनाओं से जूझता है। वास्तविकता एवं उसकी कल्पनाशील दुनिया का मिश्रण, उसके छोटे मन की जटिलताओं को दर्शाता है; एवं यह भविष्य में उसके सामने आने वाली परेशानियों का संकेत भी देता है।

लेखक
Hellström, Gustaf, 1882-1953
पढ़ने का स्तर
A2 · प्रारंभिक
भाषा
Svenska