The Mind and the Brain

Binet, Alfred, 1857-1911

इस किताब के बारे में

अल्फ्रेड बिने की पुस्तक “द माइंड एंड द ब्रेन” 19वीं सदी के अंतिम वर्षों एवं 20वीं सदी की शुरुआत में लिखी गई एक वैज्ञानिक पुस्तक है। यह पुस्तक मन एवं पदार्थ के बीच के जटिल संबंधों का अध्ययन करती है, विशेष रूप से चेतना एवं संवेदनाओं की प्रकृति पर ध्यान केंद्रित करते हुए। बिने का उद्देश्य मानसिक एवं भौतिक घटनाओं के बीच अंतर स्थापित करना है; इसके लिए उन्होंने विभिन्न दार्शनिक दृष्टिकोणों पर चर्चा की, साथ ही इस विषय पर अपने विचार भी प्रस्तुत किए। पुस्तक की शुरुआत में ही बिने ने “मन” एवं “पदार्थ” के बीच अंतर करने संबंधी जटिल समस्या का उल्लेख किया। उन्होंने इस अंतर को गहराई से विश्लेषित करने पर आने वाली कठिनाइयों पर भी जोर दिया; हालाँकि “मानसिक विचारों” एवं “भौतिक वस्तुओं” के बीच तुलना करना सरल प्रतीत होता है। बिने ने यह भी कहा कि हमारी बाहरी दुनिया की समझ हमारी संवेदनाओं तक ही सीमित है, क्योंकि ये संवेदनाएँ हमारे एवं हम जिन वस्तुओं को देखते हैं, उनके बीच मध्यस्थ का काम करती हैं। उन्होंने इन अवधारणाओं को परिभाषित करने हेतु प्रचलित दार्शनिक विधियों की आलोचना की, एवं ऐसे अधिक व्यवस्थित दृष्टिकोण की वकालत की जो मानसिक अवस्थाओं की विशेषताओं एवं हमारे भौतिक दुनिया के प्रति ज्ञान को समझने में मदद करे।

लेखक
Binet, Alfred, 1857-1911
पढ़ने का स्तर
B2 · उच्च-मध्यम
भाषा
English