जेम्स वीर, जूनियर, एम.डी. द्वारा लिखित "द डॉन ऑफ रीजन; ऑर, मेंटल ट्रेट्स इन द लोअर एनिमल्स" 19वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में प्रकाशित एक वैज्ञानिक कृति है। यह पुस्तक निम्नतर प्राणियों की चेतना, इंद्रियों, भावनाओं और प्रवृत्तियों की जाँच करके उनकी मानसिक क्षमताओं का अन्वेषण करती है और इस जटिल विषय को सामान्य पाठकों के लिए सुलभ ढंग से प्रस्तुत करने का प्रयत्न करती है। विभिन्न प्रजातियों की विस्तृत जाँच के माध्यम से लेखक मानसिक प्रक्रियाओं की उत्पत्ति और पशु जीवन के समूचे विस्तार में उनके पारस्परिक संबंधों को उजागर करना चाहते हैं। पुस्तक का आरंभ मन को तंत्रिका-क्रिया के एक कार्य के रूप में परिभाषित करके तथा सचेत और अचेतन मानसिक प्रक्रियाओं के बीच अंतर स्पष्ट करके एक सूक्ष्म विमर्श की आधारभूमि तैयार करता है। वीर शरीर-विज्ञान, आकृति-विज्ञान और मनोविज्ञान की परस्पर संबद्धता पर बल देते हैं और यह समझने की नींव रखते हैं कि निम्नतर प्राणियों में ये तत्व किस प्रकार विकसित होते हैं। वे जेलीफ़िश और एक्टिनोफ्रायनों जैसे उदाहरणों का उपयोग मानसिक क्रिया, इंद्रियों के विकास और चेतना के उद्भव को स्पष्ट करने के लिए करते हैं तथा संकेत देते हैं कि सबसे सरल जीव भी अपने पर्यावरण के प्रति प्राथमिकताएँ और अनुकूलन प्रदर्शित करते हैं।