जॉन बर्नहार्ड स्मिथ द्वारा लिखित “एंटोमोलॉजी में प्रयुक्त शब्दों की व्याख्या” एक वैज्ञानिक पुस्तक है, जो 20वीं सदी की शुरुआत में लिखी गई। इस पुस्तक का उद्देश्य एंटोमोलॉजी से संबंधित शब्दों एवं अवधारणाओं की व्यापक जानकारी प्रदान करना है; खासकर उन शब्दों एवं अवधारणाओं के बारे में, जो इस क्षेत्र में लगातार विकसित हो रही हैं। यह पुस्तक छात्रों एवं शोधकर्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन है, क्योंकि इसमें कीड़ों के अध्ययन में प्रयुक्त जटिल शब्दावली एवं परिभाषाएँ विस्तार से दी गई हैं। पुस्तक की शुरुआत में ही जॉन बी. स्मिथ ने पहले प्रकाशित शब्दकोश का संशोधित संस्करण तैयार करने का उद्देश्य बताया है; एवं इसके लिए विभिन्न एंटोमोलॉजिस्टों के सहयोग का भी उल्लेख किया है। इस प्रक्रिया के दौरान स्मिथ को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा; जैसे कि परिभाषाओं को स्पष्ट करने हेतु विभिन्न विशेषज्ञों के योगदान लेना, एवं पुरानी परिभाषाओं को नई एवं सही परिभाषाओं से प्रतिस्थापित करना। पुस्तक के प्रारंभिक अध्यायों में एंटोमोलॉजी विज्ञान की गतिशील प्रकृति पर भी जोर दिया गया है; एवं इस बात को उजागर किया गया है कि विभिन्न प्रकार के कीड़ों पर शोध करने वाले वैज्ञानिकों के कारण एंटोमोलॉजी विज्ञान की शब्दावली लगातार विकसित होती जा रही है।