ओवेन जॉनसन का उपन्यास "द वर्मिन्ट" 20वीं सदी के आरंभ में लिखा गया था। कहानी डिंक स्टोवर नामक एक युवा लड़के के इर्द-गिर्द घूमती है, जो लॉरेंसविल नामक एक प्रतिष्ठित विद्यालय में पहुँचता है, जहाँ उसे अपने नए परिवेश में घुलने-मिलने की चुनौतियों और उससे जुड़ी अपेक्षाओं का सामना करना पड़ता है। उपन्यास का आरंभ डिंक स्टोवर के ट्रेंटन स्टेशन पहुँचने से होता है। उसके पास चुराए हुए संकेत-पट और उसकी किशोर दुस्साहसिकता के अनुरूप उथल-पुथल भरी ऊर्जा होती है। लॉरेंसविल की ओर जाते हुए वह अपने सहयात्रियों के साथ चतुर मज़ाकिया संवाद करता है, जिससे उसका धृष्ट स्वभाव प्रकट होता है। विद्यालय पहुँचने पर छात्रों का एक समूह उसके रूप-रंग और अतीत का उपहास करता है, जिससे डिंक के भीतर तुरंत आशंका उत्पन्न हो जाती है और वह नए सामाजिक समीकरणों से जूझने लगता है। स्टोवर की यात्रा की भूमिका तैयार हो जाती है—वह न केवल अपने साथियों की स्वीकृति पाने की आकांक्षा रखता है, बल्कि अपनी शरारती ऊर्जा को ऐसी दिशा में बदलना भी चाहता है जिससे उसे सम्मान प्राप्त हो।