The Green Mummy

Hume, Fergus, 1859-1932

इस किताब के बारे में

फर्गस ह्यूम द्वारा लिखित “द ग्रीन ममी” एक उपन्यास है, जो संभवतः 19वीं शताब्दी के अंतिम वर्षों में लिखा गया। कहानी एक युवा जोड़े, आर्ची होप एवं लूसी केंडल के इर्द-गिर्द घूमती है; यह प्रेम कहानी रहस्य एवं षड्यंत्रों से भरे परिवेश में विकसित होती है, खासकर उस दुर्लभ “ममी” के कारण… जिसे लूसी के सौतेले पिता, प्रोफेसर ब्रैडकॉक, हासिल करने के लिए बेताब हैं। उपन्यास की शुरुआत में पाठकों को आर्ची एवं लूसी से मिलवाया जाता है; वे अपनी सगाई के बारे में मजाकिया लेकिन गंभीर बातचीत करते हैं… आर्ची बताता है कि लूसी से शादी करने के लिए उसने प्रोफेसर ब्रैडकॉक की सहमति पाने हेतु क्या-क्या किया… माल्टा से एक मूल्यवान “पेरूवियन ममी” खरीदना भी उसी प्रयासों का हिस्सा था। लेकिन जल्द ही इस हल्के-फुल्के माहौल के स्थान पर “ममी” से जुड़ी गंभीर चिंताएँ उभरने लगती हैं… लूसी, अपने सौतेले पिता की पुरातत्व-लालसा को लेकर चिंतित है… उपन्यास की शुरुआत ही रोमांटिक तत्वों एवं अनपेक्षित जटिलताओं का संयोजन प्रस्तुत करती है… आगे चलकर “ममी” के गायब होने एवं प्रोफेसर ब्रैडकॉक के सहायक की दुखद मौत जैसी घटनाएँ भी घटित होती हैं…

लेखक
Hume, Fergus, 1859-1932
पढ़ने का स्तर
A2 · प्रारंभिक
भाषा
English