मार्गुरित द्वारा रचित “द हेप्टामेरॉन ऑफ मार्गरेट, क्वीन ऑफ नवारे” 1558 में मरणोपरांत प्रकाशित 72 लघुकथाओं का संग्रह है। बोक्काच्यो के डेकामेरॉन से प्रेरित यह कृति उन यात्रियों द्वारा सुनाई गई कहानियाँ प्रस्तुत करती है, जो एक पुल के पूरा होने की प्रतीक्षा करते हुए एक मठ में फँस गए हैं। इन कहानियों में प्रेम, वासना, बेवफाई और यौन षड्यंत्रों का अन्वेषण किया गया है तथा इनमें अक्सर विश्वासघात के शिकार पति-पत्नी और प्रेम-संबंधों की उलझनें दिखाई देती हैं। मूल रूप से दस दिनों में सौ कहानियों के लिए नियोजित यह रचना मार्गुरित की मृत्यु के समय अधूरी रह गई और आठवें दिन के मध्य में समाप्त हो गई।
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