हाइनरिष मान का उपन्यास "Professor Unrat, oder, Das Ende eines Tyrannen" 1903 और 1904 के बीच लिखा गया था। इसमें प्रोफेसर राट की कहानी है, जो एक अत्याचारी शिक्षक है और जिसके विद्यार्थियों तथा नगरवासियों ने उसका उपनाम "उनराट" रख दिया है। जब उसे पता चलता है कि उसके विद्यार्थी रोज़ा फ्रॉलिष नाम की एक कैबरे नर्तकी से मिलने जाते हैं, तो वह उसका सामना करने का इरादा करता है। इसके बजाय, वह उसके मोहपाश में बंध जाता है और अपने कठोर सिद्धांतों तथा सम्मानजनक पद को त्याग देता है। जो बात आसक्ति के रूप में शुरू होती है, वह विवाह, आर्थिक बर्बादी और अंततः उस समाज से बदला लेने तक पहुँचती है, जिसने उसका तिरस्कार किया था।
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