पियरे वेबर की “Los cursos” 20वीं सदी के आरंभ में लिखी गई एक हास्यात्मक कथा है। यह कृति हास्यपूर्ण दृष्टिकोण से विभिन्न शैक्षिक परिवेशों का अन्वेषण करती प्रतीत होती है और विशेष रूप से विद्यालय के वातावरण में शिक्षण, संबंधों तथा सामाजिक मानदंडों जैसे विषयों को छूती है। प्रस्तुत किया गया मुख्य पात्र साहित्य पाठ्यक्रम की निदेशिका मैडम जोज़िएल है, जो अपने विद्यार्थियों और उनके प्रोफेसर से जुड़े एक कांड से जूझती है। “Los cursos” की शुरुआत लीसे मोंतेस्पाँ में होती है, जहाँ मैडम जोज़िएल का सामना एक क्रोधित माँ, श्रीमती लाब्रों, से होता है। श्रीमती लाब्रों अपनी बेटी पेपिता के प्रति प्रोफेसर श्री शाब्रेगी के अनुचित व्यवहार को लेकर शिकायत करती हैं। गंभीर और हास्यपूर्ण संवादों के मिश्रण के बीच यह स्पष्ट होता जाता है कि स्थिति में गलतफहमियाँ शामिल हैं और शिक्षक तथा विद्यार्थियों के बीच आकर्षण के विषय को हास्यपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया गया है। श्री शाब्रेगी की असहज स्वीकारोक्ति और उसके बाद की चर्चाएँ शैक्षिक संस्थानों में मौजूद विसंगतियों को उजागर करती हैं तथा ऐसा वातावरण निर्मित करती हैं, जो व्यंग्यपूर्ण होने के साथ-साथ आकर्षक भी है। पात्रों के बीच का गतिशील संबंध अधिकार, आकर्षण और मनमोहक किंतु संभावित रूप से कलंकपूर्ण वातावरण में पेशेवर आचरण बनाए रखने की चुनौतियों से जुड़े गहरे मुद्दों की ओर संकेत करता है।