जीन-जैक रूसो द्वारा लिखित “द कन्फेशंस ऑफ जीन-जैक रूसो – पूर्ण संस्करण” एक आत्मकथा है, जिसे 1765–1770 के बीच लिखा गया एवं मृत्यु के बाद 1782–1789 में प्रकाशित किया गया। इसमें रूसो के जीवन के पहले पच्चीस तीन वर्षों का वर्णन है; रूसो ने धार्मिक परिवर्तन के बजाय अपने दुनियावी अनुभवों एवं व्यक्तिगत भावनाओं पर ध्यान केंद्रित करके अपना आत्म-चित्र प्रस्तुत किया है। इस पुस्तक में उनके कुछ सबसे शर्मनाक क्षणों का भी खुलकर वर्णन है – जैसे चोरी, धोखाधड़ी, एवं अपने पाँच बच्चों को छोड़ देना। यह आत्मकथा एक नई शैली की प्रस्तुति है, जिसने अनगिनत लेखकों को प्रेरित किया।
इस पुस्तक के बारे में विकिपीडिया पृष्ठ: en.wikipedia.org/wiki/Confessions_(Rousseau))