रोअल्ड अमुंडसेन द्वारा लिखित “द साउथ पोल” एक ऐतिहासिक वृत्तांत है, जो 20वीं सदी की शुरुआत में “फ्रैम” नामक जहाज पर नॉर्वेजियन अंटार्कटिक अभियान का विस्तृत वर्णन करता है। 20वीं सदी की शुरुआत में लिखी गई इस पुस्तक में अमुंडसेन एवं उनकी टीम की उस कठिन यात्रा का वर्णन है, जिसमें वे पृथ्वी के सबसे दक्षिणी बिंदु तक पहुँचने का प्रयास कर रहे थे। यह कहानी न केवल एक साहसिक अभियान का वृत्तांत है, बल्कि उस अभियान के दौरान सामने आई चुनौतियों, रणनीतियों एवं वैज्ञानिक अवलोकनों का भी विस्तृत दस्तावेजीकरण है। पुस्तक की शुरुआत में अमुंडसेन की टीम द्वारा दक्षिणी ध्रुव की ओर रवाना होने से पहले की तैयारियों एवं प्रारंभिक यात्राओं का वर्णन है। इसमें अंटार्कटिका में सप्लाई डिपो बनाने, वहाँ की कठोर परिस्थितियों (जैसे अत्यधिक ठंडा मौसम, दरारें भरी भूमि आदि) का वर्णन है, साथ ही कुत्तों द्वारा खींचे जाने वाले स्लेजों के उपयोग से यात्रा करने की प्रक्रिया का भी वर्णन है। अमुंडसेन के लेखन में उनकी इस यात्रा की कठिनाइयों एवं सफलताओं का वर्णन है; साथ ही यह भी बताया गया है कि उन्होंने परिस्थितियों में हुए परिवर्तनों के आधार पर अपनी योजनाओं में कैसे समायोजन किए। पुस्तक के प्रारंभिक पृष्ठ खोजकर्ताओं के बीच के बंधन एवं इस यात्रा के दौरान किए गए वैज्ञानिक अवलोकनों की सूक्ष्मता पर भी प्रकाश डालते हैं। कहानी एवं वैज्ञानिक विवरणों का यह संयोजन दक्षिणी ध्रुव तक की इस साहसिक यात्रा के लिए एक आकर्षक पृष्ठभूमि प्रदान करता है।
Translation of Sydpolen.