विक्टर ह्यूगो द्वारा लिखित “ले डेर्नियर जूर डून कॉन्डेम्ने” एक उपन्यास है, जो 1829 में प्रकाशित हुआ। यह उपन्यास एक दोषी व्यक्ति के अंतिम चौबीस घंटों के दौरान लिखे गए डायरी-प्रकार के लेखों के रूप में प्रस्तुत है; इनमें उसके मुकदमे के फैसले से लेकर उसकी फांसी तक के लगभग पाँच हफ्तों का वर्णन है। ह्यूगो ने इन दुखभरे एवं स्मृतिपूर्ण लेखों के माध्यम से मृत्युदंड के खिलाफ एक राजनीतिक आवेदन प्रस्तुत किया है; इनमें एक कैदी के मानसिक एवं शारीरिक दुखों का सीधा-सादा वर्णन है, लेकिन उस व्यक्ति की पहचान या अपराध का कोई उल्लेख नहीं किया गया है।
इस पुस्तक के बारे में विकिपीडिया पृष्ठ: en.wikipedia.org/wiki/The_Last_Day_of_a_Condemned_Man fr.wikipedia.org/wiki/Le_Dernier_Jour_d%27un_condamn%C3%A9