An Essay Concerning Humane Understanding, Volume 1

Locke, John, 1632-1704

इस किताब के बारे में

जॉन लॉक द्वारा लिखित “एन एस्से कंसर्निंग ह्यूमेन अंडरस्टैंडिंग, वॉल्यूम 1” एक दार्शनिक रचना है, जो पहली बार 1689 में प्रकाशित हुई। इस रचना में यह धारणा चुनौती दी गई है कि मनुष्य जन्म से ही कुछ अंतर्निहित विचारों के साथ पैदा होते हैं; बल्कि इसमें यह तर्क दिया गया है कि मन एक “खाली पट्टी” के रूप में शुरू होता है, एवं अनुभवों के माध्यम से ही उसका आकार निर्धारित होता है। लॉक ने इस बात पर विस्तार से चर्चा की है कि हम संवेदनाओं एवं चिंतन के माध्यम से ज्ञान कैसे प्राप्त करते हैं; वस्तुओं की “प्राथमिक” एवं “गौण” विशेषताओं में अंतर क्या है; एवं व्यक्तिगत पहचान, भाषा एवं समझ की प्रकृति क्या है। इस रचना ने आधुनिक अनुभववाद के लिए महत्वपूर्ण आधार प्रदान किया है।

टिप्पणियाँ

इस पुस्तक के बारे में विकिपीडिया पृष्ठ: en.wikipedia.org/wiki/An_Essay_Concerning_Human_Understanding

लेखक
Locke, John, 1632-1704
पढ़ने का स्तर
B2 · उच्च-मध्यम
भाषा
English