जॉन एस. सी. एबॉट द्वारा लिखित “कोलंबस: अमेरिका के खोजकर्ता” एक ऐतिहासिक पुस्तक है, जो 19वीं सदी के अंत में लिखी गई। यह पुस्तक क्रिस्टोफर कोलंबस के जीवन के प्रारंभिक दौर एवं उनकी महत्वपूर्ण यात्राओं का वर्णन करती है; साथ ही नए भूमिभागों की खोज के प्रति उनकी महत्वाकांक्षाओं एवं इस दौरान उन्हें आई चुनौतियों पर भी प्रकाश डालती है। यह पुस्तक कोलंबस को केवल एक खोजकर्ता ही नहीं, बल्कि ऐसे व्यक्ति के रूप में भी प्रस्तुत करती है जिसे साहस एवं दैवीय उद्देश्यों ने प्रेरित किया। पुस्तक की शुरुआत में 15वीं सदी में अपने गृहनगर जेनोआ में किशोरावस्था में कोलंबस के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है; उनकी साधारण परिवार में जन्म लेने की पृष्ठभूमि, एवं बचपन से ही समुद्र एवं अन्वेषित भूमियों के प्रति उनकी रुचि का वर्णन भी किया गया है। किशोरावस्था से ही कोलंबस ने समुद्री यात्राएँ शुरू कर दीं, एवं पश्चिम की ओर जाकर एशिया तक पहुँचने की महत्वाकांक्षा बना ली। इस पुस्तक में कोलंबस को एक दूरदृष्टिपूर्ण व्यक्ति के रूप में ही प्रस्तुत किया गया है; साथ ही, उस अस्थिर एवं उथल-पुथल भरे समय में जिस प्रकार उनका व्यक्तित्व आकार लेने लगा, उसका भी वर्णन किया गया है। यह पुस्तक पाठकों को उस महत्वपूर्ण अभियान के लिए तैयार करती है, जिसके परिणामस्वरूप अमेरिका की खोज हुई।