In the forbidden land : an account of a journey into Tibet, capture

Landor, Arnold Henry Savage, 1865-1924

इस किताब के बारे में

ए. हेनरी सैवेज लैंडोर द्वारा लिखित “इन द फॉर्बिडन लैंड: अ अकाउंट ऑफ ए जर्नी इंटू तिब्बत, कैप्चर बाय द तिब्बतियन अथॉरिटीज” एक ऐतिहासिक रचना है, जो 19वीं सदी के अंत में लिखी गई। इस पुस्तक में लैंडोर ने तिब्बत में अपनी यात्रा का विस्तृत वर्णन किया है; इस दौरान उन्हें न केवल ऊबड़-खाबड़ एवं अधिकतर अन्वेषित न होने वाले पर्यावरण में यात्रा करने की चुनौतियों का सामना करना पड़ा, बल्कि तिब्बती अधिकारियों द्वारा गिरफ्तारी, कैद एवं यातनाओं का भी सामना करना पड़ा। यह पुस्तक न केवल एक रोमांचक यात्रा-वृत्तांत है, बल्कि तिब्बती लोगों की परंपराओं एवं संस्कृति का भी महत्वपूर्ण दस्तावेज है। पुस्तक की शुरुआत में लैंडोर ने अपनी यात्रा की तैयारियों, आवश्यक सामानों, वैज्ञानिक उपकरणों एवं तिब्बत पहुँचने से पहले ही उन्हें आई विभिन्न चुनौतियों का वर्णन किया है। हालाँकि शुरुआत में उन्हें उत्साह था, लेकिन भारत की भीषण गर्मी, परिवहन संबंधी अवरोध एवं खतरनाक यात्रा हेतु विश्वसनीय सहायकों की आवश्यकता जैसी कई कठिनाइयों के कारण उनकी यात्रा लगातार कठिन होती गई। पुस्तक में लगातार आने वाली चुनौतियों से पाठकों को लैंडोर के दृढ़ संकल्प एवं साहस का पता चलता है; उनकी यह यात्रा न केवल ज्ञानवर्धक, बल्कि अत्यंत कठिन भी रही। पुस्तक के पहले ही अध्यायों में तिब्बत के भौगोलिक परिदृश्य के साथ-साथ वहाँ के मनुष्यों के अनुभवों का भी विस्तृत वर्णन किया गया है।

लेखक
Landor, Arnold Henry Savage, 1865-1924
पढ़ने का स्तर
B1 · मध्यम
भाषा
English